होम्योपैथी में डिप्रेशन का क्या इलाज है?HealthPlanet

Posted on Mon 5th Dec 2022 : 09:39

अगर जूझ रहे हैं 'डिप्रेशन' से तो जानें होम्योपैथी कैसे कर सकता है मदद
तनाव और अवसाद की समस्या आजकल आम बात हो गई है। जरूरत से ज्यादा काम और आगे बढ़ने की चाह में लोग इतना तनाव में रहने लगते हैं कि ये समस्या बीमारी का रूप ले लेती है। जब इस बीमारी से रोजमर्रा के काम में बाधा पहुंचने लगे तो जरूरी है कि इस समस्या का सही ढ़ंग से इलाज किया जाए। तनाव की समस्या होने पर नींद कम आना, सांस फूलना, भूख कम लगना जैसी समस्या होने लगती है। ऐसे में तुरंत ही किसी मनोचिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। लेकिन अगर आप किसी मनोचिकित्सक के पास नहीं जाना चाहते हैं तो होम्योपैथी के पास भी इसका इलाज संभव है। आइए जानते हैं कि होम्योपैथ में वो कौन सी दवाईयां है जिसका सेवन करने से फायदा होता है।
होम्योपैथी से ईलाज है संभव होम्योपैथी में भी बहुत सारी बीमारियों का इलाज संभव है। अगर किसी को तनाव और अवसाद की समस्या हो रही है तो उसे होम्योपैथी से भी राहत मिल सकती है। तनाव में होने वाले अलग-अलग लक्षणों के लिए अलग दवाईयां बताई गई हैं। तो आइए जाने कौन-कौन सी दवाईयां है जिसका सेवन करने से फायदा मिल सकता है। एकोनाइट
होम्योपैथी की एक दवा है एकोनाइट। इस दवा का उपयोग तनाव या अवसाद की वजह से होने वाले अचानक पड़ने वाले दौरे के लिए किया जाता है।
अर्जेंटम नाइट्रीसियम
अवसाद से घिरे किसी व्यक्ति को अगर ऊंचाई से डर लगता है या फिर रोज के कामों में उसे दिक्कतों का सामना करना पड़ता है तो ऐसे में होम्योपैथी में एक बहुत ही मशहूर दवा है अर्जेंटम नाइट्रीसियम। इसका सेवन करने से मरीज को आराम मिलता है।
आर्सेनिक एल्बम
तनाव होने या अवसाद से घिरे इंसान को अलग-अलग तरह की परेशानियां हो सकती है। जैसे अगर वह अकेलेपन से डरता है या उसे लगता है कि वो कुछ भी ठीक ढ़ंग से नहीं कर सकता है तो उसे आर्सेनिक एल्बम की खुराक देनी चाहिए।
जेल्सीमियम
होम्योपैथ में एक दवा होती है जेल्सीमियम। इस दवा का सेवन उन मरीजों को करना चाहिए जिनको अपनी कमियों की वजह से तनाव हो जाता है और वो अपने आपको डरपोक समझने लगते हैं। क्या कहती है शोध
हालांकि बहुत सारे शोध का दावा है कि होम्योपैथी से तनाव या अवसाद जैसी समस्या से राहत नहीं मिलती। लेकिन होम्योपैथी के एक जर्नल में छपी शोध में ये दावा किया गया था कि चूहों पर किए प्रयोग में पल्सेटिला दवा का असर तनाव को कम करने में मददगार था। इन दवाओं का असर भले ही जानवरों पर सटीक बैठ रहा हो लेकिन इंसानों के लिए इसे सही नहीं कहा जा सकता है। क्या कहते हैं डॉक्टर
डॉक्टरों का दावा है कि तनाव या अवसाद जैसी गंभीर बीमारी में हमेशा होम्योपैथी असरकारक हो ये जरूरी नहीं है। अगर किसी मरीज को थोड़ा बहुत तनाव या स्ट्रेस है तो इसमें होम्योपैथी का प्रयोग किया जा सकता है।

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